
केनाल लिंक रोड निर्माण को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, प्रभावितों के पुनर्वास की उठाई मांग
रायगढ़। नगर निगम द्वारा प्रस्तावित जोगीडीपा-फौजदार केनाल लिंक रोड निर्माण को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न मांगें रखी हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित समाधान निकालने की मांग की है।
सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग
कांग्रेस शिष्टमंडल ने ज्ञापन में कहा है कि प्रस्तावित केनाल लिंक रोड की चौड़ाई 16 मीटर रखी जाए, ताकि क्षेत्र के निवासियों को कम से कम नुकसान हो। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में अत्यधिक चौड़ी सड़क की आवश्यकता नहीं है और सीमित चौड़ाई से भी यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकती है।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग
ज्ञापन में जोगीडीपा, फौजदार और बाबूपारा से लेकर मरीन ड्राइव तक प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों एवं उनके वयस्क सदस्यों को पूर्व में प्रगति नगर मरीन ड्राइव प्रभावितों को दिए गए पुनर्वास की तर्ज पर प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराया जाए।
दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
कांग्रेस नेताओं ने जोगीडीपा पुल के पहले वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के पुनर्वास की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि शहीद चौक पुल और फ्लाईओवर परियोजना से प्रभावित व्यापारियों की तरह इन दुकानदारों को भी उसी क्षेत्र में वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
प्रभावित मकानों और दुकानों की सूची सार्वजनिक करने की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जोगीडीपा पुल, चांदनी चौक पुल और सर्किट हाउस से बेलादुला मरीन ड्राइव तक निर्माणाधीन पुलों और सड़क परियोजना से प्रभावित होने वाले मकानों एवं दुकानों की विस्तृत सूची सार्वजनिक की जाए। साथ ही नगर पालिक निगम अधिनियम 1976 की धारा 73 के पालन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
खाली शासकीय भूमि के उपयोग का सुझाव
कांग्रेस की जांच समिति ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में उपलब्ध खाली शासकीय भूमि का भी उल्लेख किया है। समिति ने सुझाव दिया कि इंदिरानगर मोड़ से शिव मंदिर तक उपलब्ध भूमि और नगर निगम की दुकानों वाले क्षेत्र का उपयोग प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा सड़क निर्माण के बाद बचने वाली शासकीय भूमि को नगर निगम के पक्ष में हस्तांतरित कर भविष्य में पुनर्वास और जनहित के कार्यों के लिए उपयोग करने का सुझाव भी दिया गया है।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि यदि प्रशासन द्वारा जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक पहल नहीं की गई तो जिला कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व पदाधिकारी, नेता प्रतिपक्ष तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।


